सावन में ये गलती मत करना वरना महादेव की कृपा से वंचित रह जाओगे

 सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है। भगवान शिव को यह महीना सबसे प्रिय है। लेकिन लाखों शिव भक्त अनजाने में ऐसी गलतियाँ कर देते हैं जिससे पूजा का फल नहीं मिलता।

 परिचय

सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। हर सोमवार को मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करना, बेलपत्र चढ़ाना — यह सनातन धर्म की अनमोल परंपरा है। लेकिन अगर आप सावन में कुछ जरूरी बातों का ध्यान नहीं रखते, तो आपकी मेहनत व्यर्थ हो सकती है। आइए जानते हैं वो गलतियाँ जो हर शिव भक्त को बचनी चाहिए।

गलती 1 तुलसी चढ़ाना

भगवान शिव की पूजा में तुलसी कभी न चढ़ाएं। यह सावन में सबसे बड़ी गलती है। शास्त्रों के अनुसार तुलसी शिवलिंग पर वर्जित है। इससे महादेव की पूजा का फल नहीं मिलता बल्कि दोष लगता है।

गलती 2 टूटा हुआ बेलपत्र अर्पित करना

सावन में बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि वह टूटा हुआ न हो। शिव पूजा में खंडित बेलपत्र अशुभ माना जाता है। महादेव को तीन पत्तियों वाला अखंड बेलपत्र ही प्रिय है। यह गलती आपके व्रत के फल को कम कर सकती है।

गलती 3 सूर्यास्त के बाद जलाभिषेक

सावन के हर सोमवार को जलाभिषेक सूर्योदय से पहले या सुबह के समय करना शुभ होता है। शाम को सूर्यास्त के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाना पूजा विधि के विरुद्ध है। यह गलती अनजाने में कई शिव भक्त करते हैं।

गलती 4 नारियल पानी से अभिषेक

भगवान शिव को नारियल पानी से जलाभिषेक नहीं करना चाहिए। सावन में शुद्ध जल, कच्चा दूध, गंगाजल और दही से शिवलिंग का अभिषेक करें। यह गलती कई बार अज्ञानता में होती है।

गलती 5 व्रत में लहसुन-प्याज खाना

सावन के सोमवार के व्रत में तामसिक भोजन — लहसुन, प्याज, मांस — वर्जित है। यह सनातन धर्म की परंपरा है। यह गलती करने से आपका व्रत खंडित हो जाता है और महादेव की कृपा नहीं मिलती।

गलती 6 मंदिर में बिना स्नान के जाना

सावन में मंदिर जाने से पहले स्नान अवश्य करें। बिना स्नान के भगवान शिव की पूजा करना और प्रसाद स्वीकार करना अशुभ है। यह पूजा विधि का पहला नियम है जिसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

गलती 7 काले कपड़े पहनकर पूजा

सावन में शिव पूजा के समय काले कपड़े पहनना शुभ नहीं माना जाता। भगवान शिव की पूजा में सफेद, पीले या हरे वस्त्र पहनें। यह गलती छोटी लगती है लेकिन पूजा के फल को प्रभावित करती है।

सावन में यह जरूर करें

सोमवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें → स्नान करें → सफेद या पीले वस्त्र पहनें → मंदिर में जाकर शिवलिंग पर गंगाजल और कच्चे दूध से जलाभिषेक करें → अखंड बेलपत्र चढ़ाएं → OM NAMAH SHIVAYA का जाप करें → प्रसाद में फल और पंचामृत चढ़ाएं।

निष्कर्ष

सावन का महीना भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे बड़ा अवसर है। अगर आप इन गलतियों से बचते हैं और सही विधि से पूजा करते हैं तो महादेव आपकी हर मनोकामना पूरी करेंगे। सावन में सच्ची भक्ति, शुद्ध मन और विधि-विधान से की गई पूजा से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं।

हर हर महादेव! OM NAMAH SHIVAYA

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