सच्ची भक्ति के आगे काल भी ठहर गया | महाकाल की अद्भुत कथा
एक दिन यमलोक में हुआ निर्णय समय कभी किसी के लिए नहीं रुकता। एक दिन चित्रगुप्त ने यमराज के सामने राजा श्वेतकेतु का लेखा प्रस्तुत किया। चित्रगुप्त ने कहा— “महाराज, राजा श्वेतकेतु की निर्धारित आयु अब पूर्ण हो चुकी है। उनके प्राण लेने का समय आ गया है।” यमराज ने गंभीर स्वर में कहा— “तो […]
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