• मन, आत्मा और शरीर की शुद्धि: सुंदरकांड में हनुमान जी के चरित्र और आदर्शों का वर्णन है, जो मन, आत्मा और शरीर की शुद्धि के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं।
  • सभी मनोकामनाओं की पूर्ति: सुंदरकांड में हनुमान जी के पराक्रम और भक्ति का वर्णन है, जो भक्तों को आशा और विश्वास देता है। ऐसा माना जाता है कि सुंदरकांड का नियमित पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
  • भूत, पिशाच, ग्रह-नक्षत्रों से रक्षा: सुंदरकांड में हनुमान जी की शक्ति और प्रभाव का वर्णन है, जो भक्तों को बुरी शक्तियों से बचाता है। ऐसा माना जाता है कि सुंदरकांड का पाठ करने से भूत, पिशाच, ग्रह-नक्षत्रों आदि से रक्षा मिलती है।
  • आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि: सुंदरकांड में हनुमान जी के साहस और पराक्रम का वर्णन है, जो भक्तों में आत्मविश्वास और साहस को बढ़ाता है।
  • नकारात्मक विचारों और भावनाओं से मुक्ति: सुंदरकांड में हनुमान जी के ज्ञान और विवेक का वर्णन है, जो भक्तों को नकारात्मक विचारों और भावनाओं से मुक्त करता है।

सुंदरकांड का पाठ करने के लिए किसी विशेष दिन या समय की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, मंगलवार को हनुमान जी का दिन माना जाता है, इसलिए इस दिन सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष लाभ होता है। सुंदरकांड का पाठ करने से पहले स्नान करना और साफ कपड़े पहनना चाहिए। हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने बैठकर विधि-विधान से सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए।

सुंदरकांड का पाठ एक ऐसा उपाय है जो भक्तों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से लाभ पहुंचाता है।

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