Celebrating Krishna Janmashtami 2025: Date, Significance, and Festivities

जन्माष्टमी, भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व, हर वर्ष भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में जन्माष्टमी 16 अगस्त, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन अष्टमी तिथि रात 11:48 बजे से शुरू होकर 17 अगस्त, रविवार को रात 9:34 बजे तक रहेगी। (thejbt.com) इस वर्ष विशेष […]

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करवा चौथ 2025

करवा चौथ 2025: रात 8 बजकर 13 मिनट पर निकलेगा चाँद

करवा चौथ 2025 में चाँद रात 8 बजकर 13 मिनट पर निकलेगा। इस पावन अवसर पर सुहागिनें निर्जला व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और चाँद देखने का सही समय।

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करवा चौथ 2025: व्रत कब है और कैसे करें?

करवा चौथ — दिन, महत्व और पूजा विधि करवा चौथ कब है? 2025 में करवा चौथ का व्रत 10 अक्तूबर, शुक्रवार को रखा जाएगा। चतुर्थी तिथि (चौथ दिन) 9 अक्तूबर रात 10:54 बजे से आरंभ होकर 10 अक्तूबर की शाम 7:38 बजे तक रहेगी।पूजा मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक माना गया है। […]

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Navratri 4th Day : maa kushmanda

Navratri 4th Day : नवरात्रि का चौथा दिन माँ कूष्माण्डा की पूजा विधि, कथा और मंत्र

नवरात्रि का चौथा दिन माँ कूष्माण्डा को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा विशेष महत्व रखती है। जानिए पूजा विधि, व्रत कथा, शुभ रंग, भोग, फूल और मंत्र के बारे में विस्तृत जानकारी। माँ कूष्माण्डा की आराधना से जीवन में समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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माँ ब्रह्मचारिणी : तपस्या और साधना का दिव्य स्वरूप

प्रस्तावना नवरात्रि के दूसरे दिन जिस देवी की उपासना की जाती है, वे हैं माँ ब्रह्मचारिणी। “ब्रह्मचारिणी” शब्द का अर्थ है – ब्रह्म का आचरण करने वाली। अर्थात जो तप, साधना और ब्रह्मचर्य में लीन रहती हैं। माँ दुर्गा का यह स्वरूप त्याग, तपस्या, संयम और साधना का प्रतीक है। माँ ब्रह्मचारिणी का रूप अत्यंत […]

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माँ चंद्रघंटा : शक्ति का दिव्य स्वरूप

प्रस्तावना नवरात्रि में पूजे जाने वाले नौ रूपों में माँ चंद्रघंटा तीसरा स्वरूप हैं। शैलपुत्री और ब्रह्मचारिणी के पश्चात् तीसरे दिन देवी के इस रूप की उपासना की जाती है। माँ चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की स्वर्णिम घंटा सुशोभित रहती है, जिसके कारण उन्हें यह नाम मिला। उनका रूप अत्यंत शांत और […]

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नवरात्रि का तीसरा दिन: जानें माँ चंद्रघंटा की पूजा विधि, व्रत कथा और मंत्र

नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन सुनहरे या पीले वस्त्र पहनकर, माँ को गुड़हल व गेंदे के फूल और दूध से बने भोग अर्पित किए जाते हैं। जानें पूजा विधि, व्रत कथा और माँ के मंत्र।

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माँ ब्रह्मचारिणी

नवरात्रि का दूसरा दिन – माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा

नवरात्रि का दूसरा दिन माँ ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। इस दिन सफेद वस्त्र पहनकर और सफेद पुष्प अर्पित कर उनकी पूजा करने से साधक को संयम, धैर्य और आत्मबल की प्राप्ति होती है।

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नवरात्रि

नवरात्रि का पहला दिन: करें माँ शैलपुत्री की पूजा

नवरात्रि के पहले दिन माँ शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री माँ शैलपुत्री को शक्ति और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। जानिए पूजा-विधि, मंत्र, शुभ रंग और महत्व विस्तार से।

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महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम्

महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् | ‘अयि गिरिनन्दिनी…’ आदि शंकराचार्य कृत माँ दुर्गा की स्तुति

महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम्, जिसे ‘अयि गिरिनन्दिनी…’ नाम से भी जाना जाता है, आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक शक्तिशाली स्तोत्र है। इसमें माँ दुर्गा की उस महिमा का वर्णन है जिसमें उन्होंने महिषासुर का वध कर धर्म की रक्षा की। यहाँ पढ़ें पूरा स्तोत्र और इसका महत्व।

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