Hariyali Teej 2026 poster showing Maa Parvati, a suhagin woman performing puja with diya thali, green festive theme, and Hindi headline about five mistakes to avoid.
  • Hariyali Teej 2026
  • Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज पर सुहागिनें भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना अधूरा रह जाएगा माता पार्वती का आशीर्वाद!

    भूमिका

    सावन का महीना आते ही चारों ओर हरियाली, बारिश और त्योहारों की रौनक बढ़ जाती है। इसी पावन महीने में आने वाला हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत माता पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन की याद में रखा जाता है।

    कहा जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी इसी तपस्या और अखंड प्रेम के कारण हरियाली तीज का व्रत वैवाहिक सुख, पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य से जोड़ा जाता है।

    मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा और व्रत करने पर माता पार्वती का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। लेकिन कुछ ऐसी गलतियां भी हैं, जिन्हें करने से व्रत का पूर्ण फल नहीं मिल पाता।

    इस लेख में हम जानेंगे:

    • हरियाली तीज 2026 की सही पूजा विधि
    • शुभ मुहूर्त
    • सोलह श्रृंगार का महत्व
    • वे पाँच गलतियाँ, जिनसे बचना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।

    हरियाली तीज 2026: शुभ तिथि और पूजा मुहूर्त

    हरियाली तीज 2026 तिथि:
    सावन शुक्ल तृतीया

    संभावित पूजा मुहूर्त:
    सुबह और शाम दोनों समय पूजा करना शुभ माना जाता है।

    • सटीक समय स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है।

    हरियाली तीज का धार्मिक महत्व

    हरियाली तीज को:

    • अखंड सौभाग्य
    • पति की लंबी आयु
    • और सुखी वैवाहिक जीवन

    का पर्व माना जाता है।

    इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं।

    मान्यता है कि यह व्रत वैवाहिक जीवन में प्रेम और सकारात्मकता बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

    हरियाली तीज की पूजा विधि

    1. सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें

    सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ हरे या लाल रंग के वस्त्र पहनें।

    इसके बाद माता पार्वती और भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।

    2. सोलह श्रृंगार का महत्व

    हरियाली तीज में सोलह श्रृंगार को बेहद शुभ माना जाता है।

    इसमें शामिल हैं:

    • मेहंदी
    • चूड़ियां
    • बिंदी
    • सिंदूर
    • पायल
    • बिछिया
    • मांग टीका

    मान्यता है कि सोलह श्रृंगार करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।

    3. मेहंदी और लहरिया साड़ी का महत्व

    सावन और तीज का संबंध हरियाली और खुशी से माना जाता है।

    इसी कारण:

    • हाथों में मेहंदी लगाना
    • और हरे रंग या लहरिया साड़ी पहनना

    बेहद शुभ माना जाता है।

    4. माता पार्वती और शिव जी की पूजा

    पूजा स्थान पर:

    • माता पार्वती
    • और भगवान शिव

    की प्रतिमा स्थापित करें।

    फिर:

    • रोली
    • चंदन
    • अक्षत
    • फूल
    • सुहाग सामग्री

    अर्पित करें।

    5. तीज व्रत कथा सुनें

    पूजा के दौरान हरियाली तीज की कथा सुनना या पढ़ना शुभ माना जाता है।

    हरियाली तीज के अवसर पर इन 5 गलतियों से पूरी तरह बचना चाहिए

    1. काले या सफेद कपड़े न पहनें

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:

    • काला रंग नकारात्मकता
    • और सफेद रंग विरक्ति का प्रतीक माना जाता है।

    इसी कारण हरियाली तीज पर हरे, लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।

    2. व्रत के दौरान क्रोध न करें

    मान्यता है कि व्रत के समय शांत मन और सकारात्मक व्यवहार रखना जरूरी होता है।

    3. पूजा बिना श्रृंगार के न करें

    हरियाली तीज पर सुहाग की वस्तुओं और श्रृंगार सामग्री को अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है।

    4. शिव-पार्वती की पूजा अधूरी न छोड़ें

    पूजा और कथा पूरी श्रद्धा के साथ करना शुभ माना जाता है।

    5. तामसिक भोजन से बचें

    इस दिन:

    • लहसुन
    • प्याज
    • और मांसाहार

    से दूरी बनाना शुभ माना जाता है।

    हरियाली तीज का आध्यात्मिक महत्व

    यह पर्व केवल व्रत नहीं, बल्कि:

    • प्रेम
    • समर्पण
    • श्रद्धा
    • और वैवाहिक विश्वास

    का प्रतीक माना जाता है।

    पति की उन्नति और अखंड सौभाग्य के लिए विशेष उपाय

    माता पार्वती को श्रृंगार अर्पित करें

    चूड़ियां, सिंदूर और मेहंदी चढ़ाना शुभ माना जाता है।

    शिव जी को बेलपत्र अर्पित करें

    “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए बेलपत्र चढ़ाएं।

    गरीब महिलाओं को सुहाग सामग्री दान करें

    इसे अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।

    निष्कर्ष

    हरियाली तीज का पर्व सुहाग, प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। सच्चे मन और नियमों के साथ किया गया यह व्रत वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाने वाला माना जाता है।

    माना जाता है कि माता पार्वती की कृपा से पति की उन्नति, लंबी आयु और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

    • आखिरकार, माता पार्वती को सबसे अधिक प्रिय सच्ची श्रद्धा और पवित्र भाव ही होते हैं।

    FAQs

    Q1. हरियाली तीज 2026 कब है?

    यह पर्व सावन शुक्ल तृतीया को मनाया जाएगा।

    Q2. हरियाली तीज पर कौन-सा रंग पहनना शुभ है?

    हरा, लाल और पीला रंग को विशेष रूप से शुभ और मंगलकारी माना जाता है।

    Q3. क्या हरियाली तीज में निर्जला व्रत रखा जाता है?

    कई महिलाएं श्रद्धा अनुसार निर्जला व्रत रखती हैं।

    Q4. हरियाली तीज पर मेहंदी क्यों लगाई जाती है?

    धार्मिक मान्यताओं में इसे सुखी वैवाहिक जीवन और समृद्धि का शुभ संकेत माना गया है।

    Q5. हरियाली तीज का मुख्य महत्व क्या है?

    अपने जीवनसाथी की दीर्घायु और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की प्रार्थना।

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