Skip to content
  • Monday, 9 March 2026
  • 1:39 am
  • Follow Us
Bhasma Aarti & Daily Puja at Mahakal Temple
  • Home
  • Durga Kavach in Hindi : दुर्गा कवच पढ़ने से होता है मन शांत
  • Free Janam Kundali
  • Live Darshan
  • Mahakal Temple Ujjain – Darshan, Aarti & Online Puja
    • Astrology
  • Newsletter
  • Photo & Video
  • Route & Travel Guide
  • काशी विश्वनाथ मंदिर : इतिहास, महत्व और आध्यात्मिक धरोहर
  • जानें आज का राशि फल
  • दुर्वासा ऋषि का आश्रम कहां पर है
  • महाकाल महालोक : 47 हेक्टेयर में फैला आध्यात्मिक वैभव और कला
  • माँ वैष्णो देवी: इतिहास, महिमा, दर्शन-विधि और आध्यात्मिक यात्रा
  • माँ शैलपुत्री – नवदुर्गा की प्रथम स्वरूप
  • Home
  • Chhath Puja 2024 : छठ पूजा सबसे पहले किसने बनाई थी और क्यों मनाई जाती है?
  • Mahakal Bhasma Aarti – Timing, Process & Online Booking Guide
  • Mahakal 108 Names With Meaning Complete Ashtottara Shatanamavali
  • दुर्वासा ऋषि की कहानी
  • ॐ नमः शिवाय : अर्थ, महिमा, वैज्ञानिक दृष्टि, इतिहास, साधना, लाभ और संपूर्ण आध्यात्मिक विवेचन
  • मां वैष्णो देवी : श्रद्धा, शक्ति और भक्तिभाव का पवित्र धाम
  • Mahakal Bhasma Aarti – Timing, Process & Online Booking Guide
  • Mahakal 108 Names With Meaning Complete Ashtottara Shatanamavali
  • दुर्वासा ऋषि की कहानी
  • ॐ नमः शिवाय : अर्थ, महिमा, वैज्ञानिक दृष्टि, इतिहास, साधना, लाभ और संपूर्ण आध्यात्मिक विवेचन
  • मां वैष्णो देवी : श्रद्धा, शक्ति और भक्तिभाव का पवित्र धाम
  • Mahakal Bhasma Aarti – Timing, Process & Online Booking Guide
  • Mahakal 108 Names With Meaning Complete Ashtottara Shatanamavali
  • दुर्वासा ऋषि की कहानी
  • ॐ नमः शिवाय : अर्थ, महिमा, वैज्ञानिक दृष्टि, इतिहास, साधना, लाभ और संपूर्ण आध्यात्मिक विवेचन
  • मां वैष्णो देवी : श्रद्धा, शक्ति और भक्तिभाव का पवित्र धाम
Google News Follow
news

Chhath Puja 2024 : छठ पूजा सबसे पहले किसने बनाई थी और क्यों मनाई जाती है?

vivek kumar Nov 5, 2024 0

Chhath Puja 2024 का पर्व हिंदू धर्म में एक विशेष स्थान रखता है। यह पर्व सूर्य देव और छठी मइया की उपासना के लिए खासतौर से मनाया जाता है। छठ पूजा को लेकर कई मान्यताएं और पौराणिक कथाएं हैं, जो इसकी शुरुआत और महत्व को समझाती हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि छठ पूजा सबसे पहले किसने बनाई थी और क्यों मनाई जाती है।

छठ पूजा की पौराणिक कथा और उत्पत्ति

छठ पूजा का इतिहास और इसकी उत्पत्ति प्राचीन काल से जुड़ी हुई है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, छठ पूजा की शुरुआत महाभारत काल से मानी जाती है। कहा जाता है कि सबसे पहले सूर्य देव की पूजा द्रौपदी और पांडवों ने की थी, जब वे अपने राज्य को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनकी प्रार्थना से सूर्य देव ने उन्हें आशीर्वाद दिया और उनकी कठिनाइयों को दूर किया।

एक अन्य मान्यता के अनुसार, भगवान राम और माता सीता ने भी अपने वनवास से अयोध्या लौटने के बाद इस पूजा को किया था। उन्होंने कार्तिक शुक्ल षष्ठी के दिन सूर्य देव की पूजा की थी। इसी के बाद से छठ पूजा का प्रचलन बढ़ा और लोग इस पर्व को मनाने लगे।

Chhath Puja 2024 का महत्व और उद्देश्य

Chhath Puja 2024 में सूर्य देव और छठी मइया को प्रसन्न करने के लिए की जाती है। इस पूजा में व्रती (व्रत करने वाला) जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं। ऐसा माना जाता है कि सूर्य देव स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख-शांति के देवता हैं, और छठ पूजा के माध्यम से उनकी कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही छठ मइया को बच्चों की रक्षा और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद देने वाली देवी माना जाता है।

छठ पूजा का सबसे बड़ा उद्देश्य आत्म-शुद्धि, स्वास्थ्य, और समृद्धि प्राप्त करना है। यह पर्व व्रत और तपस्या का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां भक्त अपने मन और शरीर को शुद्ध करने का प्रयास करते हैं।

छठ पूजा की विधि और रिवाज

छठ पूजा की प्रक्रिया चार दिनों की होती है, जिसमें हर दिन का अपना महत्व होता है।

  1. पहला दिन (नहाय-खाय): इस दिन व्रती गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करते हैं और शुद्ध भोजन का सेवन करते हैं।
  2. दूसरा दिन (लोहंडा और खरना): इस दिन व्रती पूरे दिन उपवास रखते हैं और शाम को गुड़ और चावल की खीर का प्रसाद बनाते हैं।
  3. तीसरा दिन (संध्या अर्घ्य): इस दिन सूर्यास्त के समय व्रती सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं।
  4. चौथा दिन (प्रातः अर्घ्य): सूर्योदय के समय सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती अपना व्रत तोड़ते हैं।

छठ पूजा का आध्यात्मिक पहलू

छठ पूजा का उद्देश्य केवल भौतिक सुख-समृद्धि प्राप्त करना नहीं है, बल्कि आत्मिक उन्नति और संपूर्ण समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना करना भी है। इस पूजा के दौरान व्रती अपने मन, वचन और कर्म को पवित्र रखते हैं, जिससे उनकी आत्मा को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

निष्कर्ष

Chhath Puja 2024 में भी हजारों श्रद्धालु पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस पर्व को मनाएंगे। यह पर्व न केवल सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने का अवसर है, बल्कि एक सामुदायिक एकता का प्रतीक भी है। इसके माध्यम से लोग अपनी धार्मिक आस्था और संस्कृति को बनाए रखते हैं और भावी पीढ़ियों को भी इससे जोड़ते हैं।

श्री सनातन हिंदू पंचांग


Chhath Puja 2024Chhath Puja festival 2024Chhath Puja historyChhath Puja SignificanceChhathi Maiya PujaImportance of Chhath PujaOrigin of Chhath PujaSun God worshipTraditional Indian festivalsWhy is Chhath Puja celebrated?
vivek kumar

Website: http://mahakaltemple.com

Related Story
news
Mahakal Bhasma Aarti – Timing, Process & Online Booking Guide
vivek kumar Nov 21, 2025
news
Mahakal 108 Names With Meaning Complete Ashtottara Shatanamavali
vivek kumar Nov 21, 2025
news
ॐ नमः शिवाय : अर्थ, महिमा, वैज्ञानिक दृष्टि, इतिहास, साधना, लाभ और संपूर्ण आध्यात्मिक विवेचन
vivek kumar Nov 14, 2025
news
मां वैष्णो देवी : श्रद्धा, शक्ति और भक्तिभाव का पवित्र धाम
vivek kumar Nov 14, 2025
news
“माँ विंध्यवासिनी देवी धाम: श्रद्धा, शक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम”
vivek kumar Nov 13, 2025
news
🌺 माँ कामाख्या देवी मंदिर — शक्ति, भक्ति और रहस्य का संगम
vivek kumar Nov 13, 2025
Krishna Janmashtami
news
Mark Your Calendars: Krishna Janmashtami 2025 Falls on [Specific Date]
vivek kumar Nov 4, 2025
news
Celebrating Krishna Janmashtami 2025: Date, Significance, and Festivities
vivek kumar Oct 29, 2025
करवा चौथ 2025
news Cultural Practices Festivals Festivals and Traditions
करवा चौथ 2025: रात 8 बजकर 13 मिनट पर निकलेगा चाँद
vivek kumar Oct 9, 2025
news
करवा चौथ 2025: व्रत कब है और कैसे करें?
vivek kumar Oct 9, 2025

Leave a Reply
Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YOU MAY HAVE MISSED
news
Mahakal Bhasma Aarti – Timing, Process & Online Booking Guide
vivek kumar Nov 21, 2025
news
Mahakal 108 Names With Meaning Complete Ashtottara Shatanamavali
vivek kumar Nov 21, 2025
दुर्वासा ऋषि की कहानी
धर्म और आध्यात्मिकता
दुर्वासा ऋषि की कहानी
vivek kumar Nov 15, 2025
news
ॐ नमः शिवाय : अर्थ, महिमा, वैज्ञानिक दृष्टि, इतिहास, साधना, लाभ और संपूर्ण आध्यात्मिक विवेचन
vivek kumar Nov 14, 2025