माँ ब्रह्मचारिणी : तपस्या और साधना का दिव्य स्वरूप
प्रस्तावना नवरात्रि के दूसरे दिन जिस देवी की उपासना की जाती है, वे हैं माँ ब्रह्मचारिणी। “ब्रह्मचारिणी” शब्द का अर्थ है – ब्रह्म का आचरण करने वाली। अर्थात जो तप, साधना और ब्रह्मचर्य में लीन रहती हैं। माँ दुर्गा का यह स्वरूप त्याग, तपस्या, संयम और साधना का प्रतीक है। माँ ब्रह्मचारिणी का रूप अत्यंत…
